फंडिंग रेट

फंडिंग रेट फ़्यूचर्स ट्रेडिंग में इस्तेमाल होने वाली दर है। यह किसी फ़्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की फंडिंग दर बताती है।

फंडिंग रेट टेबल

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फंडिंग रेट क्या है?

फंडिंग रेट फ़्यूचर्स मार्केट में संतुलन बनाए रखने वाला अहम इंडिकेटर है। यह परपेचुअल फ़्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में Long और Short पोज़िशन के बीच समय-समय पर (आम तौर पर हर 8 घंटे) होने वाला भुगतान है। इसका मकसद फ़्यूचर्स की कीमत को स्पॉट कीमत के करीब रखना और ज़रूरत से ज़्यादा लीवरेज वाली पोज़िशन को मार्केट की स्थिरता बिगाड़ने से रोकना है।

अगर फंडिंग रेट पॉज़िटिव है, तो Long पोज़िशन वाले Short पोज़िशन वालों को भुगतान करते हैं। इससे पता चलता है कि Long पोज़िशन की मांग ज़्यादा है और निवेशक आम तौर पर कीमत बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं फंडिंग रेट नेगेटिव होने पर Short पोज़िशन वाले Long पोज़िशन वालों को भुगतान करते हैं, जो आम तौर पर मंदी की बढ़ती उम्मीद और मार्केट में बढ़ते बिकवाली के दबाव का संकेत है।

फंडिंग रेट से सिर्फ़ मार्केट की दिशा ही नहीं, बल्कि निवेशकों का व्यवहार और मार्केट के ओवरहीट होने की स्थिति भी समझी जाती है। उदाहरण के लिए, असामान्य रूप से ऊंचा फंडिंग रेट भारी सट्टेबाज़ी और शॉर्ट-टर्म करेक्शन की संभावना का संकेत दे सकता है। वहीं कम या नेगेटिव रेट अक्सर मार्केट में बढ़े हुए डर को दिखाते हैं, लेकिन ये खरीदारी के मौके भी दे सकते हैं।

इस पेज की फंडिंग रेट टेबल से आप Binance, Bybit, OKX, Kraken और BitMEX जैसे बड़े एक्सचेंजों पर BTC, ETH, SOL, XRP और कई ऑल्टकॉइन के फंडिंग रेट रियल टाइम में ट्रैक कर सकते हैं। निवेशक इस डेटा को दूसरे टेक्निकल इंडिकेटर के साथ मिलाकर ज़्यादा समझदारी भरी रणनीति बना सकते हैं और मार्केट की चाल का अंदाज़ा लगाने में बढ़त पा सकते हैं।

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